कौन शर्मिंदा नहीं है?

नेहरू विहार के जाट कहते हैं,
“सारे बिहारी चूतिये हैं, मारो सालों को…”
कुछ प्रबुद्ध लोग (इनमें बिहार यूपी के ज्यादा हैं) कह्ते हैं,
“सारे ‘चिंकियों’ ने दिल्ली में गन्द मचा रखा है, कुत्ता खाते हैं सब…
किसी दिन इनको देना पड़ेगा!”