ओ मेरे फेसबुकिया आशिक़ों (O mere facebookiya aashiqo)

Dedicated to Facebookiya ‘poets’ (lovers) on the occasion of the upcoming series of ridiculous ‘days’ ओ मेरे फेसबुकिया आशिक़ों (Roman transliteration below) आओ मेरे फेसबुकिया आशिकों चुप काहे हो? अब तो फ़रवरी भी आ गयी तुम भी आ जाओ और शुरू कर दो रचनी अपनी ‘भावविह्वल’ कवितायें मचा दो फ्री इन्टरनेटिया स्पेस पर ढेर सारी […]