Happy Rakshabandhan, is it?

लगभग सोलह साल हो गए कि मेरी बहन ने हाथ पर राखी नहीं बांधी। आमतौर पर वो मुझे राखी भेज देती थी या कभी कभी देर से पहुँचती थी तो मेरी राखी उसी दिन होती थी। कभी कभी ये भी हुआ कि मैंने कह दिया कि तेरे नाम से खरीद कर बाँध लूँगा तू भेजने […]

बड़े जर्नलिस्ट

आज फर्स्ट इयर के बच्चों के ओरिएंटेशन के लिए किसी तथाकथित बहुत बड़े जर्नलिस्ट को बुलाया गया था। वैसे जिसको भी बुलाया जाता है वो आम तौर पर बड़े ही होते हैं। और अगर देखने से, या बोलने से बड़े न लगें तो उनके बारे में बताकर उन्हें बड़ा साबित कर दिया जाता है। ख़ैर, हमें […]

धार्मिक अराजकता और धर्म

शाम होते ही लाल बत्ती पर ही एक पूरा कोना धार्मिक गीतों पर नाच का स्टेज बन जाता है और रही सही कसर प्रोजेक्टर लगा कर पूरी हो जाती है। अंधभक्तों का एक मजमा लग जाता है और आधी से ज्यादा सड़क भोलेनाथ के नाम चढ़ जाती है। पुलिस हाथ बांधे टुक टुक ताकती रहती है।