सबसे ख़तरनाक

सबसे ख़तरनाक होता है कुछ प्रचलित शब्द उठाना उनमें किसी अर्थ का न होना हर शब्द का छोटी-बड़ी लाईनों में बिखर जाना जबरदस्ती बैठना फेसबुक पर और जबरदस्ती एक थीम उठाना सबसे ख़तरनाक होता है फेसबुक पर कवि बन जाना सबसे ख़तरनाक वो घड़ी होती है जब आपके दोस्त उसे लाईक करते हैं जबकि उन्हें […]

On Ferguson killing, and today’s Cleveland shooting

Everyone knows about the ‘black’ youth shot dead by a Ferguson cop, who is conspicuously unrepentant of an innocent being killed. Today, a 12-year old ‘black’ kid, Tamir Rice, was shot dead by a 911 patrol car within two seconds of its arrival near the park where the young kid was flashing a toy gun. […]

मानव और कहानी (Human and story)

सत्तर हजार साल पहले जब पहले मानवों ने ‘हंटर-गैदेरर’ (शिकारी-संग्रहकर्ता) के रूप में खुद को स्थापित किया था और गॉसिप की कला सीखी थी, तब से हमारा इतिहास शुरू होता है। मानव तो पहले से थे पर इतिहास तब से शुरू होता है जब हमें आस-पास का ज्ञान होना शुरू हुआ और हम चीजों (फल, […]

Kiss of love, Delhi: Ever heard of Bonta park, honey?

It is not about tolerance or expression of love, to a few it might be, rather it is merely aping western culture. And everything western from wiping your arse with a tissue paper to objectifying women in cinema and raising slogans on roads against it is considered as evolving modernity. The intellectuals and thinkers have […]