द ग्रेट इंडियन मीडिया सर्कस: ब्रेकिंग न्यूज़- धोनी ने टेस्ट से लिया संन्यास

ब्रेकिंग न्यूज़: धोनी ने टेस्ट से लिया संन्यास पहला दौर: विश्लेषक लोग (किसी ने कभी खेला नहीं, किसी ने सात मैच खेले) स्वागत करते हैं और बधाईयाँ देते हैं। दूसरा दौर: विश्लेषकों को बिठा कर रखा हुआ है। सवालों का टोन बदल गया है। बधाईयों से बहस की ओर, कि क्यों लिया अभी संन्यास? तीसरा […]

Hashtag opinions: Deconstructing facebooking

Being on Facebook brings me more annoyance than anything else. It started as being something funny, not witty or timepass. Just funny. I, and a few friends, during post graduation would go to someone’s post and start conversing about weird stuff in comments. It would be random, and we would laugh over it every single […]

संवेदना, ‘कूल’ संवेदना और असम हिंसा

असम हिंसा में चौरासी लोग मर चुके हैं, और ये ऑफिशियल गिनती है। कल कुछ घरों में आतंकियों ने आग भी लगा दिया। कोकड़ाझाड़ और शोनितपुर में भी क़त्लेआम हुआ। मीडिया को एक दिन देर से ख़बर लगी च च च! बेचारे बहुत व्यस्त थे, वो चुनाव भी तो हुआ था। मीडिया की एक ज़िम्मेदारी […]

PK movie review: पी के का नंगापन हमारे कपड़े उतार देता है

बहुत रिव्यू पढ़ चुके होंगे आप लोग। पी के की बात कर रहा हूँ। पी के नंगा उतरता है धरती पर और कपड़े पहन कर लौटता है। इस नग्नता और पहनावे के बीच जो होता है वह सांकेतिक तो है ही पर एक झन्नाटेदार तमाचा भी है। लेकिन सिर्फ तमाचा ही नहीं है, इसके और […]

मीडिया का भड़वापन

मीडिया ग़ज़ब का भड़वा होता है। मौका कोई भी हो, भुना ही लेते हैं क्योंकि इनका काम है। काम लाईव कवरेज और फिर उसके बाद की कवरेज तक ही सीमित नहीं होता। हैशटैग की हेराफेरी से लेकर होमपेज़ पर दस में से नौ स्टोरी इसलिए चलाए क्योंकि वो अभी ‘हॉट’ सर्च टर्म है। आधे घंटे […]

सोलह दिसम्बर की वो सुबह!

माँ की आँखों के आँसू सूख गए। बच्चों की लाशें, घायल शरीरों को सरकारी अस्पतालों से निकाल दिया गया। बच्चों के शरीर वापस स्कूल की तरफ पहुँचाए गए। खून की पसरी हुई निशानियाँ, ज़मीन से नमीं और लाली लिए सिमटीं और फिर बूँद और धार बनकर ऊपर को उठीं। किताबों के पन्ने सफ़ेद हो गए। […]

फेसबुकिया बुद्धिजीविता और धार्मिक आतंकवाद: फ़्रीडम ऑफ (सेलेक्टिव) एक्सप्रेशन

भारतीय मीडिया, सोशल मीडिया पंडितों और फेसबुकिया बुद्धिजीवियों को क़रीब तीन सालों से मैंने गंभीरता से अध्ययन किया है। ख़ास करके धर्म के नाम पर होते रहने वाले आतंकी, और बाकी गतिविधियों (धर्मांतरण समेत अन्य) मुद्दों पर। पता नहीं क्या बात है, ये सिर्फ मैंने देखा है या मेरा कोई अवचेतन पूर्वाग्रह (सबकॉन्शस प्रेज्यूडिस) है […]

(More) Thoughts on conversion

“UP Hindutva group to go ahead with conversions despite warning” ~Outlook India I am yearning to see the following headlines from media: “UP Muslim group to go ahead with conversions” “Kerala Christian missionaries to go ahead with conversions” And I also yearn for the fanatical bigots to come clean on the issues of conversions in […]