Selective sensitivity and cool quotient of crises

Do you remember that Syrian toddler washed ashore? Yes, the kid in red shirt, tiny shoes, face down in sands of time (pun intended)… Must have wrenched your heart. It is also likely that you remember the Charlie Hebdo killings. How about Boko Haram? You must have read or heard it somewhere, may be, in […]

कन्या लौंडा विमर्श: कन्या बुलाए तो चले ही जाना चाहिए

सुबह सुबह एक विद्यार्थी का फोन आया। शिक्षक दिवस विश नहीं किया, सीधे पूछा, “सर, हम फेसबुक पर लिखे कि बुक फ़ेयर जाना है किसी को तो एक लड़की ने लिखा कि हाँ जाएँगे लेकिन कल चलो तब। लेकिन हमारा मन तो आज ही जाने का है। क्या करें।” अब बताईए कि इसमें दुविधा कहाँ […]

मेनस्ट्रीम मीडिया की ब्रेकिंग न्यूज़, सोशल मीडिया और लिंकबाज़ी

हिटलर कहता था कि एक झूठ बोलो, बार बार बोलो और अंत में सब उसे सच मान लेंगे। भारतीय मीडिया (मेनस्ट्रीम मीडिया) का एकसूत्री एजेंडा बस यही है। भारतीय मीडिया के पुरोधा, मठाधीश जो ऊपर बैठे हैं वो पूरे देश का एजेंडा तय करते हैं जो कि हमेशा उनका अपना एजेंडा होता है।  ब्रेकिंग न्यूज़ […]