आसान है गाली देना देश, सरकार और समाज को

खुद से पूछिए संविधान के कितने हिस्से को आप जानते हैं, कितने को अपनाया है। समझ में आ जाएगा कि इंडिया गेट से परेड क्यों ज़रूरी है, सेना क्यों ज़रूरी है, सरकारें क्यों ज़रूरी हैं और, सबसे ज्यादा, आप क्यों ज़रूरी हैं अपने समाधान की कोशिशों के साथ।

रोहित वेमुला: जब डिबेट ट्रॉलिंग और नीचा दिखाने तक सिमट जाए

फिर ये भी जान लो कि उसके मरने का और आगे उस जैसे के मरने में तुम्हारा बहुत बड़ा हाथ है क्योंकि तुमने उसकी मौत के कारण पर बात नहीं की थी, तुमने गाय खोजा था, तुमने उसके दलित होने का फ़ुटबॉल बनाया था, तुमने उसमें मोदी डाला था, तुमने उसमें हिंदुओं को ठूँस दिया था।

रोहित मर गया, और मरता रहेगा विश्वविद्यालयों के दंड-विधान के कारण

रोहित को मार डाला है इस तंत्र ने। इस हत्या का जिम्मेदार हमारा तंत्र है जहाँ विद्यार्थियों को काऊंसलिंग और बातचीत से समझाने की बजाय उसे बाहर निकाल दिया जाता है और उसके पढ़ने, बढ़ने का सारा ज़रिया रोक दिया जाता है। जब तक विरोध को दबाया जाएगा, कभी भी वाद-विवाद एक साकारात्मक मोड़ तक नहीं पहुँच सकता। तब तक ये समाज उसी गर्त मे गिरा रहेगा जहाँ है।

Wazir movie review: वज़ीर देखिए कहानी और अदाकारी के लिए

इसकी ताक़त इसकी कहानी और तीनों मुख्य पात्र -अदिति राव, अमिताभ, फ़रहान- की अदाकारी है। अदिति ने तो अपने किरदार को बहुत अच्छी तरह से निभाया है। ये फ़िल्म आप इन तीनों के लिए, और बिजॉय नाम्बियार के लिए, देख आईए।

फ्री बेसिक: डाईंग इन कोल्ड विद थ्री अदर्स

फ्री बेसिक कहता है कि ‘हम आपको इंटरनेट से जोड़ देंगे ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य सब कुछ आपको इंटरनेट से मिल जाए’। बताईए कितना भद्दा मजाक है ये। इंटरनेट से शिक्षा मिलेगी? इंटरनेट से डॉक्टर मिल जाएगा? साला प्राईरी हेल्थ क्लिनिक हैं नहीं, स्कूलों में छत नहीं है और खाने को पेट में अन्न नहीं और बाँट रहे हैं फ्री बेसिक।