अवनि जी, बाइसन-21 की बधाई, आप हम सबकी आदर्श हैं

तीनों बहनों को सलाम, आपको एक एक्सट्रा! राफ़ेल आ जाए तो उसको उड़ाइएगा, तब हम आप तीनों का पोस्टर रूम में लगा लेंगे।

प्राइम टाइम: नीरव मोदी कांड में फ़ेसबुकिया विश्लेषकों की गट फीलिंग का दम्भ देखने लायक है

आप ये किस बिना पर मान लेते हैं कि आप ही सही हैं, और आपके पास सिवाय चार आर्टिकल्स के कोट करने के लिए कुछ भी नहीं है। मेरे पास तो कम से कम जाँच एजेंसियों के बयान तो हैं? आपने कहाँ से जाँच करवाई? अंदेशे, संदेह, और इस बात पर कि आपको ऐसा लगता है? या इस बात पर इसमें मोदी शामिल न हो ये हो ही नहीं सकता?

‘टाइम्स अप’: दोस्ती, सेक्सटिंग, सेक्स, सेक्सुअल फ़ेवर्स और विक्टिमहुड

मैं सिर्फ उन महिलाओं के साथ हूँ जो अक्षम थीं, जिनके पास क़ानूनी सहायता का कोई विकल्प न था, जिन्हें क़ैद करके रखा गया, जिनके साथ ज़बरदस्ती हुई और पुलिस या समाज ने उन्हें चुप कर दिया।

अंकित की मौत ऑनर किलिंग नहीं, मुसलमानों द्वारा की गई नृशंस हत्या है

मैं उस मुसलमान से क्यों न डरूँ जो चंदन, नारंग, पुजारी, रवीन्द्र, अंकित की भीड़ हत्या पर चुप रहता है और अखलाख तथा जुनैद पर फेसबुक पर दिन में दस पोस्ट डालता है ये कहते हुए कि वो बहुत डरा हुआ है?

बजट 2018: मिडिल क्लास वालो, ऊपर उठो मुफ़्तख़ोरी की आदत से

जो गरीब हैं, उनको तो फिर आपके हिसाब से न तो स्कूल मिलना चाहिए, न ही मेडिकल सेवाएँ, न ही सड़कें, न ही रियायतें क्योंकि वो तो मिडिल क्लास नहीं हैं!