स्वतंत्रता दिवस के मायने: सवाल कीजिए लेकिन सम्मान के साथ

आशाएँ बहुत जल्दी बदलती हैं, देश को बनने में समय लगता है। देश को बनने दीजिए। इस आज़ादी के दिन का सम्मान कीजिए। अपने सवालों में विचार लाइए।

सिनिकल लोग संवेदनशील होने का शॉल ओढ़कर मुद्दों के मज़े लेते हैं

सरकार तो यही चाहती है कि एक नेता बेहूदा बयान दे दे, लोग उसी में उलझे रह जाएँ कि क्या बकवास बोलता है। आप लोग हमेशा इसी में उलझकर रह जाते हैं।

आत्महत्या हत्या नहीं, आत्मज्ञान का मसला है

जिंदगी को ख़त्म करना या तो एक प्रबुद्ध व्यक्ति के सवालों का अंतिम निष्कर्ष है, या फिर मानसिक रूप से रोगी व्यक्ति के द्वारा खुद पर लाई गई एक दुर्घटना।

हामिद अंसारी मुसलमानों के नेता नहीं, अंजेडाबाजों का मोहरा बनकर गए

डिसाइड कर लो कि ‘असुरक्षित महसूस कर रहे हो’ या परशुराम टाइप ‘पंद्रह मिनट के लिए पुलिस के हटते ही हिन्दुओं को काटकर हिन्दुस्तान को इस्लामिस्तान बना लोगे’।

श्श्शऽऽऽ… हिन्दी के नवोदित साहित्यकार सो रहे हैं!

हमारे दौर के साहित्यकार अंदर से मरे हुए हैं, नाम के भूखे हैं, और हीनभावना से ग्रस्त हैं। इनकी लेखनी को दीमक चाट गया है, और दिमाग तो गलकर कान के रास्ते रिस-रिस कर बह ही चुका है।

हरियाणा बराला काण्ड : लड़की को गरियाइए क्योंकि फ़ेसबुक में सिगरेट मिला है!

इस देश में सीसीटीवी इतने संवेदनशील होते हैं कि किसी अबला पर हो रहे अत्याचार को देख ही नहीं पाते। आखिर भाजपा के राज में सीसीटीवी का संस्कारी होना तो बनता है।

रक्षाबंधन का इतिहास: फ़र्ज़ी नारीवादियों के कुतर्कों के नाम

पुराणों के हर प्रसंग में स्त्रियों ने अपनी शक्ति से अपने भाई, पति या समाज की रक्षा की है। भाई की कलाई पर बँधी राखी उसकी रक्षा के लिए होती है ना कि वो बहन की रक्षा का वचन देता कहीं भी दिखता है। बहन की रक्षा भाई के लिए उतनी ही सहज प्रक्रिया है, जितनी सहज बात बहन द्वारा भाई को मुसीबत में देखकर मदद करने की।