सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स: अपर क्लास हिन्दू मेल ब्राह्मण का फ़र्ज़ी ग्लोरिफिकेशन

मैं उनमें से नहीं हूँ जो हॉलीवुड डायरेक्टर का नाम या फ़िल्म का कंटेंट देखकर समीक्षा कर दूँ। समीक्षा तो पहले ही मेरे दिमाग़ में हो चुकी होती है, फ़िल्म तो बस टाइमपास होती है।

मैं फ़ेडरर को रोता देखना चाहता हूँ, एक बार फिर से

फ़ेडरर एक ख़ूबसूरत कविता है जिसका मीटर, तुक, भाव, शब्द और अर्थ सब एकदम सही तरह से सहज स्वभाव में है। फ़ेडरर जब अपने बेहतर दिनों में होता है तो वो बहता है। उसके बैकहैंड में एक बहाव है, जो आप देखते हो और सचिन के कवर ड्राइव की तरह देखकर ख़ुश हो जाते हो।

जब तुम्हारी दो किताब एक ही जैसी है तो काहे के लेखक हो तुम?

लेखक का हर पात्र, हर नई किताब में नई जगह होना चाहिए। उसकी आवाज़ अलग होनी चाहिए या फिर उसका द्वंद्व अलग होना चाहिए। पात्रों का गाँव, शहर, घर का कमरा, उसके माँ-बाप, उसके सर के बाल और उसकी महबूबा के चेहरे के रंग से लेकर मेनीक्योर किए उँगलियों तक में विविधता होनी चाहिए।

विराट को विराट ही रहने दो, कोई नाम ना दो

सचिन तेंदुल्कर वो नाम है जो क्रिकेट का पर्याय है हमारी पीढ़ी के अधिकतर लोगों के लिए। हमने सचिन को बयानवे के लिबरलाइजेशन से लेकर आठ के लीमैन ब्रदर्स कॉलेप्स और तेरह के वानखेड़े तक देखा है। सचिन हमारे लिए वो नाम है जो भारत के किसी क्षेत्र में अच्छा करने के गौरव से जुड़ा […]

मेरा पहला प्यार: सचिन तेंदुलकर (My first love: Sachin Tendulkar)

सचिन आज लिमिटेड ओवर की क्रिकेट की आख़िरी पारी खेलकर चले गए। कल को टेस्ट और प्रथम श्रेणी से भी अलविदा कह देंगें। हमारी जितनी उम्र है तब से तेंदुलकर खेल रहा था और हमारे होश में आने से पहले से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने परचम लहरा रहा था। जब हम नये नये क्रिकेट विश्लेषक […]

IPL fixing case: बिना बात के जलो मत, कमाने दो बेचारों को

लगता है आम जनता के भाग्य में किसी ऋषि-मुनि ने लिख दिया है कि ये चूतिए ही रह जाएँगे! नेता खरबों लूट ले जाएँ वो अच्छा लेकिन कोई आम आदमी कुछ करोड़ बना ले (वो भी इतने मेहनत से) तो तुमसे उसकी तरक़्क़ी देखी न जाएगी! इतना भी क्या जलना यारों! चेन्नई के इतने सपोर्टर्स […]

Test cricket instances of ball hitting the bails but they didn’t fall

Here are instances in cricket where ball hit the stumps but the bails moved/jumped but didn’t fall and one instance when ball went through the stumps without dislodging the bails: Due thanks to Ashru Mitra, Charles Davis& Michael Jones for the information. Instances in test cricket when the ball hit the stumps but the bails […]

We, the fortunates!

I don’t know or even am interested in knowing what others feel about Sachin… I just look at a man who has played for a team (if someone has problems with using the word ‘nation’) which never was short of great batsmen in any given era for twenty four years. A team so competitive, you […]