कर्णाटक चुनाव: जब अनैतिक लोग नैतिकता की आशा करने लगें तो समझो ग़ज़ल हुई

आप जो माँग रहे हैं वो धूर्तता है। आपकी बेचैनी दिखती है क्योंकि आप जिस विचारधारा को पालते रहे हैं, उसकी सारी मक्कारी जनता पकड़ रही है। आपकी मक्कारी हमारे जैसे लोग पकड़ रहे हैं क्योंकि आपको विकास या आदर्श से कोई लेना-देना नहीं है। आप कार के पीछे भागते गली के वो कुत्ते हैं जिसे ये भी नहीं पता कि उसे कार से उतरकर आदमी पूछ ले कि क्यों भौंक रहा है तो वो क्या जवाब देगा। और तो और, उसे दो बार पुचकारकर बिस्किट फेंक देगा तो वो कार में बैठकर पैर चाटता उसके घर पहुँच जाएगा।