रोहिंग्या मुसलमानों का इतिहास उनके वर्तमान का ज़िम्मेदार है

जब तक रोहिंग्या का आतंक एकतरफ़ा था, किसी को कोई चिंता नहीं थी। लेकिन बौद्धों ने जब आत्मरक्षा में हिंसा की तो दुनिया को चिंता हो गई।

अमरनाथ यात्रा: ड्राइवर सलीम आदमी है, उसको मुसलमान और हीरो मत बनाओ

मैं ये इसलिए मानता हूँ क्योंकि अगर वो जिहादी होता तो बस से कूदकर भाग जाता और बस को घाटी में गिरने को छोड़ देता। उससे तो ज्यादा हिन्दू मरते, और आतंकियों की गोली भी कम ख़र्च होती। जन्नत में बहत्तर गुणा हूरें मिलती पैकेज डील में सो अलग!

फेसबुकिया बुद्धिजीविता और धार्मिक आतंकवाद: फ़्रीडम ऑफ (सेलेक्टिव) एक्सप्रेशन

भारतीय मीडिया, सोशल मीडिया पंडितों और फेसबुकिया बुद्धिजीवियों को क़रीब तीन सालों से मैंने गंभीरता से अध्ययन किया है। ख़ास करके धर्म के नाम पर होते रहने वाले आतंकी, और बाकी गतिविधियों (धर्मांतरण समेत अन्य) मुद्दों पर। पता नहीं क्या बात है, ये सिर्फ मैंने देखा है या मेरा कोई अवचेतन पूर्वाग्रह (सबकॉन्शस प्रेज्यूडिस) है […]