अमरनाथ यात्रा: ड्राइवर सलीम आदमी है, उसको मुसलमान और हीरो मत बनाओ

मैं ये इसलिए मानता हूँ क्योंकि अगर वो जिहादी होता तो बस से कूदकर भाग जाता और बस को घाटी में गिरने को छोड़ देता। उससे तो ज्यादा हिन्दू मरते, और आतंकियों की गोली भी कम ख़र्च होती। जन्नत में बहत्तर गुणा हूरें मिलती पैकेज डील में सो अलग!

आतंकी मसूद अज़हर को हिंदुस्तान टाइम्स के आर्टिकल में मिली लेजिटिमेसी

लिबरल लोगों का नया प्रपंच छपा है हिन्दुस्तान टाइम्स में कि मसूद अज़हर को भारत की ओर सोचता भी नहीं अगर बाबरी मस्जिद को नहीं तोड़ा जाता। आ हा हा! केतना नोबल थॉट है। मसूद अज़हर तो बेचारा कितना सहृदय आदमी था, अपने काम से मतलब रख रहा था। दो बम इधर मारा, दो उधर… […]