अपूर्वानंद की काल्पनिक योग्यता लाजवाब है

अरे प्रोफेसर साहब, इस्लामी और ईसाई आक्रांताओं ने ही इस धरती के सांस्कृतिक नरसंहारों की शुरुआत की थी। उसके बाद लगातार आप ही के तर्क के अनुसार इतिहास, धार्मिक प्रतीक, सामाजिक ताना-बाना, शिक्षा पद्धति सब बर्बाद की। इसी को भौतिक विध्वंस कहा जाता है।

फेसबुकिया बुद्धिजीविता और धार्मिक आतंकवाद: फ़्रीडम ऑफ (सेलेक्टिव) एक्सप्रेशन

भारतीय मीडिया, सोशल मीडिया पंडितों और फेसबुकिया बुद्धिजीवियों को क़रीब तीन सालों से मैंने गंभीरता से अध्ययन किया है। ख़ास करके धर्म के नाम पर होते रहने वाले आतंकी, और बाकी गतिविधियों (धर्मांतरण समेत अन्य) मुद्दों पर। पता नहीं क्या बात है, ये सिर्फ मैंने देखा है या मेरा कोई अवचेतन पूर्वाग्रह (सबकॉन्शस प्रेज्यूडिस) है […]