अंकित की मौत ऑनर किलिंग नहीं, मुसलमानों द्वारा की गई नृशंस हत्या है

मैं उस मुसलमान से क्यों न डरूँ जो चंदन, नारंग, पुजारी, रवीन्द्र, अंकित की भीड़ हत्या पर चुप रहता है और अखलाख तथा जुनैद पर फेसबुक पर दिन में दस पोस्ट डालता है ये कहते हुए कि वो बहुत डरा हुआ है?