अय्यर अभिजात्य रंगभेद के पर्याय हैं, ये ‘उड़ता तीर’ राहुल की जनेऊ काट देगा

आप गाली दीजिएगा, वो उसे कोट पर मेडल बनाकर चिपका लेगा, और कहता फिरेगा कि देखो ये कितना बड़ा अचीवमेंट है।

नया नैरेटिव: 3500 VVPAT मशीन टेस्ट में फ़ेल

ईवीएम पर जब सबका मुँह बंद हो चुका है तो अब ज्ञानपुँज वीवीपैट पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि वीवीपैट सिर्फ स्लिप देती है, आँकड़े ईवीएम में ही रहते हैं।

‘सपने में भी नहीं सोचा था’ से ‘ई तो साला होना ही था’ की ओर

ये बुज़ुर्गों का गरीब जेनरेशन कब खपेगा? सब के सब यही कहते हैं कि नदी तैर कर पढ़ने जाते थे! मिट्टी के घर में रहते थे! भले ही नदी में भैंस की पीठ पर चढ़कर जाते हों और दूसरों के बग़ीचे से आम तोड़ते हों, लेकिन इनकी उम्र का बचा कौन होगा जो कन्फर्म करने जाए!

दिल्ली चुनाव: एंकरों का चुनावी घाघरा तैयार हो रहा है

एंकरगण सूट पहनकर आएँगे लेकिन रोज़ की तरह वो कुर्सी पर बैठकर ज्ञान नहीं बाँटेंगे। दस तारीख़ को सबकुछ खड़े खड़े होगा। कौन जीतेगा, कौन हारेगा हमको नहीं पता… हमको कुछ नहीं पता…