बलात्कार की सज़ा सात साल ही क्यों है? अण्डकोश निकालने का प्रावधान क्यों नहीं है?

ये समाज इतना सभ्य है कि बलात्कार ठीक है, लेकिन कानून किसी का लिंग नहीं काट सकता, अंडकोष नहीं निकाल सकता।

बलात्कार पर राजनीति सिर्फ केजरीवाल कर सकते हैं, यही ‘नई राजनीति’ है

केजरीवाल जी की नई राजनीति अब इतनी ज़्यादा प्रेडिक्टेबल हो गई है कि अगर वो अपनी जगह एक ऑटोमेटेड कॉलर ट्यून भी लगा दें कि ‘हमारे पास तो पुलिस नहीं है’, ‘हमारे हाथ मोदी जी ने बाँध रखे हैं’, ‘ये तो एमसीडी का मसला है और वहाँ भाजपा के लोग हैं’, ‘ये फ़िल्म बहुत अच्छी है, ज़रूर देखिए’, तो भी दिल्ली वासियों का काम चल जाएगा।