‘अंधाधुन’ फ़िल्म रिव्यू: अच्छी फ़िल्म, अच्छी कहानी, अच्छा निर्देशन

आयुष्मान खुराना की दाद देनी होगी कि ये अदाकार कहानियाँ कितनी शिद्दत से चुनता है। आज के दौर में, और पिछले तीन दशक में, मुझे इससे बेहतर कहानियाँ पकड़ने की कन्सिस्टेन्सी किसी भी और कलाकार में नहीं दिखी है।

बाहुबली की जय!

बाहुबली देखी। आप भी देखिए। सीधी कहानी को कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है, ये इस फ़िल्म से सीखा जा सकता है। कोई महान संदेश नहीं है। कोई बनावटीपना नहीं है। खाटी दक्षिण भारतीय फ़िल्म के सारे ज़ायके आपको मिलते हैं इसमें। फ़ंतासी, डेथ-डिफाईंग हिम्मत, ग्रैविटी-शेमिंग स्टंट्स सब गुँथे हैं जो दक्षिण भारतीय सिनेमा में […]

अमेरिकन स्नाईपर: फ़िल्म समीक्षा

अभी अभी ‘अमेरिकन स्नाईपर’ देखी। अच्छी फिल्म है। मतलब पाईरेटेड में भी प्रिंट बढिया था। देखिए कुछ चीजों में हम नैतिकता, या मोरालिटी का लोड नहीं लेते। इन दोनों शब्दों के, चाहे अंग्रेज़ी हो या हिंदी, मेरे लिए कई समयों और जगहों पर मायने नहीं होते। हीरो भी, ब्रैडली कूपर, जिसने क्रिस कायल नामक मशहूर […]