झारखंड रेप-हत्या कांड: इन गाँवों के लोग किस दुनिया में रह रहे हैं?

क्या दलित द्वारा दलित का बलात्कार और हत्या से शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए? क्या वो शर्मिंदगी और क्रोध सिर्फ़ हिन्दू-मुसलमान, दलित-सवर्ण वाले मामले में ही लागू होता है?

गीता रेप कांड: …तो मैं अब ये लिखूँ कि अल्लाह कितना शर्मिंदा हो रहा होगा?

रेप के कारण वैयक्तिक ही रहेंगे, सामाजिक या राष्ट्रीय नहीं हो सकते। किसी अपराधी के अपराध का बोझ पूरा धर्म, पूरा समाज अपने सर पर क्यों लेगा? क्यों थोप दिया जाय ऐसे घृणित और जघन्य कुकर्म का पाप पूरे राष्ट्र पर?

हरियाणा बराला काण्ड : लड़की को गरियाइए क्योंकि फ़ेसबुक में सिगरेट मिला है!

इस देश में सीसीटीवी इतने संवेदनशील होते हैं कि किसी अबला पर हो रहे अत्याचार को देख ही नहीं पाते। आखिर भाजपा के राज में सीसीटीवी का संस्कारी होना तो बनता है।

बलात्कार की सज़ा सात साल ही क्यों है? अण्डकोश निकालने का प्रावधान क्यों नहीं है?

ये समाज इतना सभ्य है कि बलात्कार ठीक है, लेकिन कानून किसी का लिंग नहीं काट सकता, अंडकोष नहीं निकाल सकता।

बलात्कार पर राजनीति सिर्फ केजरीवाल कर सकते हैं, यही ‘नई राजनीति’ है

केजरीवाल जी की नई राजनीति अब इतनी ज़्यादा प्रेडिक्टेबल हो गई है कि अगर वो अपनी जगह एक ऑटोमेटेड कॉलर ट्यून भी लगा दें कि ‘हमारे पास तो पुलिस नहीं है’, ‘हमारे हाथ मोदी जी ने बाँध रखे हैं’, ‘ये तो एमसीडी का मसला है और वहाँ भाजपा के लोग हैं’, ‘ये फ़िल्म बहुत अच्छी है, ज़रूर देखिए’, तो भी दिल्ली वासियों का काम चल जाएगा।