मितरों, बीफ़ खाते रहिए और वंदे-मातरम् गाते रहिए

पूरा हाथ पाँव मारा जा रहा है कि दादरी काँड चलता रहे। इसके चलते रहने में बहुत फ़ायदा है कुछ लोगों को। अब ये नहीं चलेगा तो कैसे लोग ‘हम बीफ खा रहे हैं, हमें मारो’ का इंटेलेक्चुअलिज्म दिखा पाएँगे। दादरी काँड का ज़िंदा रहना आज़म खान जैसे मगजमारियों के लिए ज़रूरी है। ये खतम […]