मुसलमान उम्मीदवारों, उनके हिमायती नेताओं ने क्या उखाड़ कर दे दिया मुसलमानों को?

मुसलमानों के विकास की राह को रोड़ा स्वयं मुसलमान है। जब तक कुंठित होकर कठमुल्लों के चक्कर में मदरसों में पढ़ोगे, जब तक इस फ़िराक़ में रहोगे कि कैसे हिन्दुओं को बढ़ने से रोक दिया जाय, जब तक वोट इस कारण दोगे कि भाजपा को हराना है, तब तक तुम्हें तुम्हारे ही चुने नेता ठगते रहेंगे।

असम में भाजपा की सरकार और बुद्धिजीवियों का कोरस में विधवा-विलाप

आपका ‘इंटेलेक्ट’ अब बस ‘मोलेस्ट’ होने के लिए ही बचा है। आपका सारा ज्ञान अब किसी तरह कुछ भी सरकार विरोधी बोलकर दाँत निपोड़ कर हँस लेना है। और अपने कन्विनिएंट समय तथा लॉजिक के अनुसार जादवपुर, एसएफआई के विद्यार्थी नेता द्वारा किए ख़ुलासे आदि को बिल्कुल भी ध्यान ना देकर कुछ और बात छेड़ देनी है।