सर्जिकल स्ट्राइक का दूसरा दिन: अपनी ख़ुशी और उन्माद में फ़र्क़ कीजिए

बिना टैंक उतारे, बिना अपनी सेना के जवानों को खोए भी वो सब हासिल किया जा सकता है जो अभी हमारे लक्ष्य पर है। इसीलिए, ख़ुश रहिए, उन्मादित मत होइए।

35-70 आतंकी को मारने में वक़्त तो लगा पर पाकिस्तान बिलबिला गया है!

बयानों के लगातार बदलने से, उसमें एकरूपता ना होने से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान कितना हिला हुआ है। भारत सरकार ने ‘साम-दाम-दंड-भेद’ की चारों नीतियाँ अपनाईं और चारों स्तर पर सफलता पाई।

भारत-पाक युद्ध चाहने वालों, आप अपनी भावना पर पुल बनाना सीखिए

युद्ध जब अवश्यम्भावी हो जाये तब तो उसे टालना गलत है लेकिन वो अंतिम विकल्प हो तो बेहतर है। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण के साथ एक सोची-समझी रणनीति बनाना सबसे अच्छा है।

चलो पाकिस्तानियों की कह के लेते हैं, और घुस के मारते हैं! मज़ा आ जाएगा…

जहाँ पाकिस्तान अपने देश में आई बाढ़ के लिए भी भारत को कोसता है, वहाँ क्या धमाके सच में शिया-सुन्नी झड़पों के हिस्से होते हैं? मैं तो अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों का ज्ञाता नहीं हूँ पर मुझे नहीं लगता कि भारत कभी भी चुप बैठता है। हाँ आपको पर्सनली ख़बर नहीं मिलती, वो बात अलग है। लेकिन इस बार लग रहा है कि एक-दो दिन में आपको पता लग जाएगा कि पाकिस्तान में क्या हुआ है।

कश्मीर में सेना के 17 जवान शहीद, तुम्हारा ख़ून कब खौलेगा रे फैजल?

वो हमारे सैनिकों को मार रहे हैं, हम उन्हें मारेंगे। हिसाब गणित का है, भावना हिन्दुस्तानी है। बातचीतों का दौर कपल्स के बीच अच्छा लगता है। वक़्त आ गया है कि पाकिस्तान को पाकिस्तानी तरीक़े से ही जवाब दिया जाय।