रवीश जी का हर झूठ टायटेनियम है, उसकी ढाल बनाकर उनको कैप्टन भारत बन जाना चाहिए

जब आपको मोदी लगता है कि बातों को छुपा रहा है, तो क्या उसके विपक्ष में खड़े हर नेता की रैली में आदर्श लोग आदर्श बातें कर रहे हैं जिनका कुर्ता पूरा सफ़ेद है?

रवीश ने धर लिया: मोदी ने बस 99.9995% गाँवों में ही बिजली पहुँचाई!

मंशा क्या होनी चाहिए और क्या है। सत्तर साल बाद हर गाँव में बिजली पहुँची ये देश के लिए अच्छी बात है। कुछ गाँवों में नहीं पहुँची इसका मतलब उन गाँवों के अधिकारियों ने गलत सूचना पहुँचाई, या 0.0005% (या चलिए ऐसे सौ गाँव और ले लीजिए, फिर भी 18000 पर भी 0.55% होगा) रह जाने के बावजूद मोदी ने कहा सौ प्रतिशत में पहुँच गया। मतलब मोदी को कहना था कि ‘मितरों! बिजली 99.9995% गाँवों में पहुँच गई!

जेने की बालकनी में हमारे एंकर

दिल्ली की मीडिया ज्याँ जेने (Jean Genet) रचित नाटक ‘ले बालकन’ या ‘द बालकनी’ टाईप हो गई है। जेने के नाटक में एक वेश्यालय (बालकनी) सत्ता में हो रही गतिविधियों का एक केंद्र जैसा दिखता है और बाहरी शहर की दुनिया का माईक्रोकॉज़्म या सूक्ष्म रूप है। मैं वेश्यालय के लिए रंडीखाना शब्द का इस्तेमाल […]