राजदीप, बस तुम्हारे लिए: आलोचना और घृणा का अंतर

अब जबकि प्रधानमंत्री का प्रवासी भारतीयों को संबोधन समाप्त हो गया है तो मैं ट्वीटर पर गया। वहाँ दो बातें हो रही हैं एक राजदीप सरदेसाई को पड़े थप्पड़ की और दूसरा मोदी की। बिल्कुल, दोनों एक दूसरे से जुड़े मामले हैं। राजदीप जी मोदी के स्वघोषित आलोचक, या कहें कुढ़ने वाले या उनसे घृणा […]