सेकुलर संताप: होने से नहीं चलेगा, एक लाइन में सारे धर्म की बात कीजिए, हर बार

आदमी को इतना डरा दिया गया है कि वो सिर्फ अपने धर्म का सम्मान करे, और दूसरे धर्म के बारे में अनभिज्ञ हो तो वो आज के तर्कों के हिसाब से सेकुलर नहीं है, और वो सारे धर्मों का सम्मान नहीं करता।

गोमाँस ईटिंग फ़ेस्टीवल, बुद्धिजीविता, हिंदू-मुसलमान ब्ला, ब्ला, ब्ला

मैं क्या करता हूँ अजान सुनकर? एडजस्ट। क्यों? क्योंकि हिंदू धर्म सर्वसमावेशी है और बर्दाश्त करना सिखाता है। दूसरे धर्म और मत को जगह देना ही हिंदुत्व है। लेकिन आप ये सोच कर बैठ जाएँ कि आप जानबूझ कर किसी को उकसाएँगे और वो बर्दाश्त करता रहेगा तो ये आपकी भूल है।

दोगले विचार वाले झंडेबाज सेकुलरों और मुसलमानों के नाम

हाँ तो साहिबान, बरखा दत्त, राजदीप सरीखे पत्रकारगण, अख़्तर जैसे मुसलमान भाईजान, जान लीजिए कि आज पेरिस में आतंकियों ने बारह पत्रकारों की हत्या कर दी। और ये हत्याएँ इस्लाम पर कार्टून बनाने वालों की हुई है। एक कार्टून से भावनाएँ हर्ट हुई हैं और बारह मौतें। ऐसे ही एक कार्टून से भावनाएँ आहत हुईं […]