भारत के हिन्दुओ, प्रोपेगेंडा का जवाब देना कब सीखोगे?

ये एक अघोषित युद्ध है, और मैं अपने धर्म को त्रिशूल में लिपटे कॉन्डोम और लिंग में घुसे भगवा झंडे के स्तर तक गिरता नहीं देखना चाहता।

दीवाली पर 50 लाख पटाखे: आख़िर सुप्रीम कोर्ट ऐसे वाहियात फ़ैसले/निर्देश जारी कैसे करता है?

जज साहब, इमेज बिल्डिंग मत कीजिए, जुडिशरी को सुधारिए क्योंकि लोकतंत्र के इस स्तंभ पर से भी लोगों का भरोसा उठता जा रहा है। ये फर्जी के जजमेंट मत पास कीजिए जो लागू ही नहीं हो सकते।