अवैध बूचड़खाने, योगी सरकार, इमोशनल ब्लैकमेल और कानून

ये तो वही तर्क हो गया कि मेरा पचास हज़ार कमाने वाला लड़का बलात्कारी निकला तो सरकार उसे जेल में डालने से पहले मेरा घर चलाने की व्यवस्था कर दे! सरकार ग़ैरक़ानूनी धंधा करने वालों को कोई नौकरी नहीं देती, ना ही ऐसा करने की ज़रूरत है। वो जुर्माना भरें, सज़ा काटें और फिर क़ानूनी प्रक्रिया के तहत नई दुकान खोलें।