असम में 50 लाख बंग्लादेशियों की शिनाख़्त पूरी, मीडिया के मातम का इंतज़ार करें

कहानी शुरु होगी कि नूर के छः बच्चे हैं, पति मर चुका है, और उसका कहना है कि वो हमेशा से असम में ही रहे हैं। उसके बेटे को ग़ालिब बहुत पसंद है, और वो कविता करता है।