हम बिहारी हैं, दूब, कुचले और पतित भी क्योंकि क्रांति के नाम पर जाति पकड़ते हैं

हमें इसी बात में मज़ा आने लगा है कि हम किसी भी कारखाने को बंद कर सकते हैं जबकि हँसनेवाली बात यह है कि हम वहाँ के मज़दूर हैं, मालिक नहीं। फिर ये गौरव किस बात का?

बिहिया कांड: काश कि वो किसी हिजड़ों की बस्ती से निकलती, वो बचा ली जाती

कुतूहल ने सारे मानवीय मूल्यों को ढक लिया है! आख़िर हम ये कर कैसे पाते हैं कि किसी लड़की को वस्त्रहीन करके एक भीड़ चल रही है, और कोई विडियो बना रहा है?

प्राइम टाइम: बिहार में बहार है, जान लो कि ई नीतिसे कुमार है!

फिलहाल नीतीश कुमार सेकुलर से कम्यूनल होने वाले हैं। आपलोग उसकी तैयारी करें। अचानक से उनके कार्यकाल में हुई राजनैतिक से लेकर सामाजिक और पत्रकार-पेशा-विशेष से संबंधित हत्याओं का ठीकड़ा पता नहीं किसके सर जाएगा। अचानक से उनका कुर्ता सफ़ेद होकर चमकने लगेगा।

बिहारियो, अपने राज्य की खामियों को छुपाने की कोशिश मत करो

आपके ये कहने से कि हम चाणक्य, बुद्ध, महावीर, पतंजलि, आर्यभट्ट, अशोक, चन्द्रगुप्त की धरती हैं, अचानक से आपकी साक्षरता दर सौ प्रतिशत नहीं हो जाएगी।

एसिड से नहलाकर मारने वाले शहाबुद्दीन नितीश कुमार को औक़ात दिखाने बाहर आ गए हैं

पीएचडी-धारी शहाबुद्दीन का स्वभाव वैज्ञानिकों वाला भी रहा है। वैज्ञानिक लोग इस बात पर प्रयोग करते रहते हैं कि ये करने से क्या होगा, वो करने से क्या होगा। इसी जिज्ञासा को शांत करने हेतु इन्होंने दो भाइयों को, जिनके नाम सतीश राज और गिरीश राज थे, एसिड से नहला दिया।

Nitish getting Secular ahead of polls?

First, he shruggs off Narendra Modi and comments on BJP about ‘him and Modi (not a good person among Muslims) holding hands’ poster… Then he doesn’t attend the BJP meeting which he was scheduled to. Then returns five crore rupees to Gujrat (ruled by Modi) which the state gave as flood relief fund… Nitish Kumar […]