साहित्य में एनकोडिंग होती है, होनी चाहिए, नहीं कर पा रहे तो मत लिखिए

जो लेखक कल्पना को, भावनाओं को, अपने समय और पात्रों के चिंतन में गूँथता है, उसको डीकोड करने के लिए आपको इतिहास, मनोविज्ञान दोनों की समझ होनी चाहिए।

किताब पढ़िए, क्योंकि किताबें पढ़नी चाहिए

किताबें पढ़ने के लिए मत पढ़िए। किताबें मेट्रो के पोल में लटक कर दूसरे को इम्प्रैस करने के लिए मत पढ़िए। किताबें टाइम पास के लिए मत पढिए। किताबें बस पढ़िए। पढ़ते रहिए, पढ़ते रहना चाहिए।