केरल में सरेआम काटी गई गाय, हाय-हाय, हाय-हाय, हाय-हाय

लेकिन हिन्दू चुप रहेगा। क्योंकि ये साइंटिफ़िक नहीं है। गाय कट रही है, जानवर कट रहा है। मूर्ति पूजना मूर्खता है, पत्थर चूमना साइंटिफ़िक है।

गाय के लिए आधार कार्ड: हेडलाइन में गाय और आधार देखकर कूदो मत

गाएँ तो भारत में बाज़ारों में बम लगाती हैं, इसीलिए उनसे घृणा करना ज़रूरी है। देश की सारी समस्या हिन्दुओं और उनकी गायों को लेकर ही है। अतः हिन्दू धर्म को बैन कर देना चाहिए और गायों से बनने वाले हर उत्पाद को खाना त्याग देना चाहिए।

किसी ने गाय से पूछा कि उसको गौरक्षकों की माता बनना है कि नहीं?

गाय के नाम पर किसी की जान लेना उतना ही उन्मादी है, जितना क़ुरान के पन्ने फाड़ने वाले को घेरकर मार देना।

गाय को लेकर सरकारी दोगलापन कहाँ तक ज़ायज है?

जब आप मोहम्मद को डिफ़ेंड कर सकते हैं तो गाय के साथ क्या दिक़्क़त है? जब ईशनिंदा के चक्कर में लोग जेलों में सड़ रहे हैं, तो फिर गौ हत्या पर कानून क्यों ना बने?