मैं फ़ेडरर को रोता देखना चाहता हूँ, एक बार फिर से

फ़ेडरर एक ख़ूबसूरत कविता है जिसका मीटर, तुक, भाव, शब्द और अर्थ सब एकदम सही तरह से सहज स्वभाव में है। फ़ेडरर जब अपने बेहतर दिनों में होता है तो वो बहता है। उसके बैकहैंड में एक बहाव है, जो आप देखते हो और सचिन के कवर ड्राइव की तरह देखकर ख़ुश हो जाते हो।

Nadal- the MAN he is!

Nadal created history by winning three masters titles in a row(in a single season), making it 18th masters title of his career; one ahead of Agassi and two of Federer, before the French Open 2010. Defeating Federer in an almost easy way in straight sets to reclaim his number two status, Nadal showed how much […]