स्त्री शरीर, नारी की देह, और सैनिटरी पैड्स

ये मसला स्वास्थ्य का है, बुनियादी है, स्त्री शरीर का है, ‘नारी की देह’ या आधुनिकता का नहीं। ‘नारी की देह’ कविता है, स्त्री शरीर स्वास्थ्य का मामला है। कविता और बेडशीट की तस्वीर इसे मॉडर्निटी से जोड़ने की बेकार कोशिशें हैं।

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इन्होंने व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के ‘मोदी-विरोध’ पाठ्यक्रम से ऑनर्स किया है, और आजकल फेसबुक पर इंटर्नशिप कर रहे हैं।