ग़ुलामी के प्रतीकों पर गर्व करने वाली अकेली प्रजाति भारतीय ही है

कुल तीन पन्नों में आपको गुप्त वंश, मौर्य वंश, चोल, पांड्य, चेर, सातवाहन आदि को पैराग्राफ़ दे-देकर समेट दिया जाता है। बताया जाता है कि हम पर बलात्कार करने वाले और तलवार की नोक पर मुसलमान बनाने वाले आतंकी राजाओं के साम्राज्य में सूर्यास्त नहीं होता था और फलाना आदमी कितना महान था!

चुप रहने वाले इस्लामी आत्मघाती हमलावरों के नाम

चोरों को पकड़ कर लौटते वक़्त बस्ती वालों ने पुलिस पर पत्थरबाज़ी की ताकि चोर बच निकलें। समीर और हसन ईरानी भाग गए।

नारी सम्मान और समान अधिकार की लड़ाई है तलाक़, हलाला, बहुविवाह की मुख़ालफ़त

क्या कारण है कि ऐसे पर्सनल लॉ को डिफ़ेंड करने वाले हमेशा मर्द ही होते हैं? क्या कारण है कि ऐसे पर्सनल लॉ वाले तमाम बोर्ड में महिलाएँ दिखती तक नहीं? टीवी के प्राइम टाइम शो में कितनी जगह बिना दाढ़ी और टोपी वाला मुसलमान दिखता है, बुरक़े में ही सही?

पर्सनल लॉ: मुसलमान चोर को हिन्दू चोर से अलग सज़ा मिलनी चाहिए

अगर आज की मुस्लिम महिलाओं को इससे दिक़्क़त नहीं है तो शायद वो अपनी हालत की ज़िम्मेदार खुद हैं। उन्हें अपने पुरुषों द्वारा सुनाए गए हर फ़ैसले को, जिसमें तलाक़ से लेकर बाल विवाह, बच्चे की कस्टडी, चार पत्नियाँ रखने आदि को सही मानकर अपनी ज़िंदगी काटनी चाहिए।

Religious Conversions: Why we mustn’t care

Unless conversions are forced, I see no wrong in it. Be it from Hindu to Islam, Christianity or the other way round. Every individual has right to choose a religion based on there own reasons as one of the converts said, “Religion doesn’t feed me so it doesn’t matter to me today that I would […]