प्राइम टाइम: रवीश बाबू, करना तो आपको भी पत्रकारिता चाहिए लेकिन…

प्रधानमंत्री दिल्ली में क्यों नहीं है, वाहियात सवाल है। वो इसलिए कि तंत्र अपने हिसाब से चलता रहता है, और आज के दौर में कम्युनिकेट करना कबूतरों के ज़रिए नहीं होता कि प्रधानमंत्री की ज़रूरत होगी तो पता चलेगा कि बैलगाड़ी पर बैठे हैं, सात दिन में दिल्ली पहुँचेंगे।