कंगना रणौत: जुनूनी, हिम्मती, स्वाभिमानी लड़की जो हर लड़की को होना चाहिए

जब एक स्त्री किसी पुरुषप्रधान समाज में टूटी, जर्जर सीढ़ियों को छोड़ते हुए अपनी अलग सीढ़ी बना लेती है तो बहुत दर्द होता है। ईगो हर्ट हो जाता है पुरुष का कि इसे तो मेरे बिस्तर में होना चाहिए था, ये कहाँ लक्ष्मीबाई बनकर घूम रही है!

मजाक कंगना रनौत का नहीं बॉलीवुड की नपुंसक सोच का उड़ा है

आइटम सॉन्ग पर तारिकाओं की थिरकती कमर और वक्षस्थल के कसाव के बीच की जगह दिखाने की ‘कला’ को अपनी अदाकारी के दम पर चुनौती देने वाली कंगना शायद उनके लीग की नहीं है।