दिशाहीन विपक्ष, प्रतिक्रियावादी मीडिया, बेकार बातों में उलझे बुद्धिजीवी भाजपा को जिताएँगे

आपकी हार का मतलब है कि आपने एक सशक्त विपक्ष, समझदार विरोधी और देशहित में सोचने वाले बुद्धिजीवी की भूमिका नहीं निभाई।

प्राइम टाइम: रवीश जी, वीकेंड का मुद्दा सोमवार का इंतजार नहीं करता!

लाइट लगवाना, गार्ड खड़े करने का मतलब है कि हमने मान लिया है कि बीएचयू में हरामी लौंडे तो घूमते रहेंगे, आप लाइट और गार्ड से बचाव करा लो! और लाइट में दुपट्टा खींचा गया तो? फब्तियाँ कसी गईं तो?

प्राइम टाइम (विडियो): मुद्दों को गौण करने का तंत्र

तुम्हारे इसी स्वभाव के कारण तुम्हारी ये दुर्दशा है कि तुम्हारे कॉमरेड अब कामरेड और बलात्कारी हो गए हैं, तुम्हारे ज़मीन से जुड़े नेता हवाई यात्रा में 65 लाख ख़र्च कर देते हैं, और तुम्हारे धर्मविरोधी नेता का नाम सीताराम है!

प्रिय पत्रकारो, क्या गौरी को न्याय मिलने तक रोज लिख सकोगे?

आपको किसी खास क़िस्म की लाश का इंतज़ार क्यों रहता है? आपके लिए कैसे बीच के तमाम दिन ठीक से गुज़रते हैं? आप कैसे तमाम बेकार के मुद्दों में उलझकर गाय-गोबर करते रहते हैं?

प्राइम टाइम 30: अगले दंगों के ख़ून से पत्रकारों, बुद्धिजीवियों के हाथ सने होंगे

इन दोगले पत्रकारों को नकारिये जो मरने वाले का धर्म तलाश कर प्राइम टाइम में आँकड़े बताते हैं। इन बुद्धिजीवियों से बचिए जो टट्टी के रंग में जाति खोजते हैं।

प्रणय रॉय चोरी काण्ड: चर्चा को चोरी से भटकाकर प्रेस स्वतंत्रता के हनन की ओर ले जाने की कोशिश

ये चिल्लाएँगे कि सरकार आवाज़ों को दबा रही है। ये चिल्लाएँगे कि पत्रकारिता के आदर्शों के चरम पर वो खड़े थे जिन्हें सरकार खींच कर नीचे लाना चाहती है। इस चर्चा को प्रणय रॉय की चोरी से हटाते हुए वहाँ पहुँचाने की कोशिश होगी जहाँ ये बताया जाएगा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बोल रही है।

‘असली मुद्दा क्या है’ शृंखला: नंबर एक: भारत के जनमानस में डाला गया ‘नव राष्ट्रवाद’

ये डिबेट भी मैनुफ़ैक्चर्ड ही है। ये इतनी बार दोहराया गया है कि लगता है कि सच में ये कोई इशू है।

पत्रकारिता की नौकरी, जूनियर पत्रकार, शोषण और आत्मसम्मान

वो आपको प्रमोट करता रहेगा और फिर एक दिन ऐसी बात कर देगा कि आपको कुछ कहते नहीं बनेगा क्योंकि आपकी इनोसेंट को वो हिंट समझता रहा।

प्राइम टाइम: नजीब अहमद ग़ायब क्यों हो जाते हैं?

यहाँ पर तीन-चार विकल्प ही दिखते हैं। या तो नजीब कहीं छुप गया या छुपा दिया गया है। या फिर उसकी हत्या कर दी गई है। या फिर उसका अपहरण कर लिया गया है। या वो मानसिक रूप से अस्वस्थ है और कहीं चला गया है।