‘500 रूपए के सामान पर 28% का टैक्स’ कहने वाले गुप्त रोग विशेषज्ञों से बचिए

इन्होंने व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के ‘मोदी-विरोध’ पाठ्यक्रम से ऑनर्स किया है, और आजकल फेसबुक पर इंटर्नशिप कर रहे हैं।

अगर गाय सिर्फ खाने की चीज़ है तो ‘हर मुसलमान आतंकवादी है’ भी सही है

ऐसे विरोधों का फ़्रंट जुनैद होता है, और पोस्टर पर मोदी, ब्राह्मणवाद, मनुस्मृति से लेकर तमाम बातें दिखती हैं।

पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने का मुहूर्त 2019 का तो नहीं?

हर रोज़ दस-पचास पाकिस्तानी आतंकी और सैनिक मरते रहें तो क्या बुराई है? युद्ध अंतिम विकल्प होना चाहिए लेकिन छद्मयुद्ध की स्थिति में हमें छोटी लड़ाईयाँ लड़ने से कौन रोक रहा है?

हे मोदी-विरोधियों! अपना स्तर उठाओ, भक्त हर स्तर की डिबेट करने को सक्षम है

मोदी को हिटलर, पागल कुत्ता, से लेकर चूहा, मेंढक, दिमाग़ी रूप से दिवालिया, मौत का सौदागर, ज़हर की खेती करने वाला, लुटेरा, बर्बादी लाने वाला, रावण, यमराज, और भी ना जाने क्या क्या कहा गया है।

देश में बहुत समस्याएँ हैं, खादी और मोदी उनमें से एक नहीं है!

क्रिकेट स्टेडियम से लेकर, हवाई अड्डे, बाज़ार, छात्रावास, सड़कें, बस अड्डे, सरकारी भवन, कॉलेज हर जगह नेहरू, इन्दिरा और राजीव गाँधी ही दिखते हैं।

काला धन से कैशलेस इकॉनमी की तरफ… ये तो पहले नहीं बताया था!

तो प्रधानमंत्री जी, और तमाम मंत्री जी, फोकस शिफ्ट मत कीजिए। भ्रष्टाचार और काला धन के ख़िलाफ़ ये लड़ाई है। हो सकता है आप लड़ भी रहे होंगे, जनता आपके लिए लाइन में खड़ी भी है, वाह वाह भी कर रही है लेकिन अचानक से ये कैशलेस राग मत अलापिए।

भाजपा, काँग्रेस आदि पार्टियाँ सारे दानदाताओं के नाम क्यों नहीं बताती?

भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जिससे लोगों को आशा भी है कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता की बात करे क्योंकि आजकल भ्रष्टाचार मिटाने का गर्भ धारण करने वाले गर्भपात कराते नज़र आ रहे हैं।