प्राइम टाइम: रवीश जी, वीकेंड का मुद्दा सोमवार का इंतजार नहीं करता!

लाइट लगवाना, गार्ड खड़े करने का मतलब है कि हमने मान लिया है कि बीएचयू में हरामी लौंडे तो घूमते रहेंगे, आप लाइट और गार्ड से बचाव करा लो! और लाइट में दुपट्टा खींचा गया तो? फब्तियाँ कसी गईं तो?

प्राइम टाइम (विडियो): मुद्दों को गौण करने का तंत्र

तुम्हारे इसी स्वभाव के कारण तुम्हारी ये दुर्दशा है कि तुम्हारे कॉमरेड अब कामरेड और बलात्कारी हो गए हैं, तुम्हारे ज़मीन से जुड़े नेता हवाई यात्रा में 65 लाख ख़र्च कर देते हैं, और तुम्हारे धर्मविरोधी नेता का नाम सीताराम है!

हरियाणा बराला काण्ड : लड़की को गरियाइए क्योंकि फ़ेसबुक में सिगरेट मिला है!

इस देश में सीसीटीवी इतने संवेदनशील होते हैं कि किसी अबला पर हो रहे अत्याचार को देख ही नहीं पाते। आखिर भाजपा के राज में सीसीटीवी का संस्कारी होना तो बनता है।

फ़ेसबुक पर सोए साहित्यकारों के नाम

सोशल मीडिया को समझिए और सेल्फी, प्रशंसा और आत्मुग्धता से ऊपर उठकर देश और समाज में हो रही बातों पर विचार रखिए। पूरे समाज की चर्चा का स्तर ऊपर उठाईए। आपको भी लाभ होगा, समाज को भी।

बैंग्लोर मोलेस्टेशन काण्ड, धोनी और ग़ायब होती चर्चा

विडियो देखिए। धोनी तो गए और साथ ही चर्चा में बैंगलोर काण्ड की जगह भी ग़ायब हो गई। सोशल डिस्कोर्स का शीघ्रपतन ऐसे ही होता है। अंग्रेज़ी के दर्शकों के लिए बता दूँ शीघ्रपतन इम्मेच्यॉर इजेकुलेशन को कहते हैं।

Stand for yourselves, ladies!

That’s the reason why I am not standing up for them. Not for my sister, not for mother, not for any of my friends. It is you who will have to realize that you have your own bone and flesh. It is you who will have to sensitize yourselves and future kids. It is you who will have to fight the males to treat your babies as just babies and not as a baby boy or baby girl.