प्राइम टाइम: मेवाड़ के राजसमंद में ५० साल के मुस्लिम की हत्या किसने की?

ऐसे समय में चुप रहना सहमति देना है इस तरह के उन्माद को। ऐसे समय में चुप रहना बताता है कि आपके मन में चोर है। आप चाहते हैं कि हर मुसलमान ऐसे ही काटकर जला दिया जाय, और आप ये भी चाहते हैं कि पूरी दुनिया में बम और धमाकों के नाम पर इस्लामी हुकूमत आ जाय।

आप गलत को गलत कहिए, हम ज़रा धर्म-जात-राज्य पता कर लें…

ग़लती किसने की है, क्या इस भीड़ के सर पर टोपी है, क्या इस भीड़ के खड़े होने की जगह बंगाल या कश्मीर तो नहीं, अगर चुनाव है तो उसकी जाति निचली है कि नहीं। उसके बाद इनकी संवेदनाएँ जगती हैं।

पर्सनल लॉ: मुसलमान चोर को हिन्दू चोर से अलग सज़ा मिलनी चाहिए

अगर आज की मुस्लिम महिलाओं को इससे दिक़्क़त नहीं है तो शायद वो अपनी हालत की ज़िम्मेदार खुद हैं। उन्हें अपने पुरुषों द्वारा सुनाए गए हर फ़ैसले को, जिसमें तलाक़ से लेकर बाल विवाह, बच्चे की कस्टडी, चार पत्नियाँ रखने आदि को सही मानकर अपनी ज़िंदगी काटनी चाहिए।

The scull cap secular

Recently, on Eid, one politician refused to put on scull cap and, as Indian media always does, there was a prominent story on Times Of India homepage. Obvious enough, it must be of national importance as the editors and reporter would have thought. I am in late twenties and have been a journalist for quite […]