‘ठंढा आ रहा है’ वामपंथी आतंकी पिल्लो, कोंकियाओ और नए नैरेटिव गढ़ो

तुम्हारा ट्रेडिशनल आर्गुमेंट और वोटबैंक दोनों ही तुमसे भाग रहे हैं क्योंकि इस सरकार ने तुम्हारे आर्गुमेंट को भी तोड़ा है, और वोटबैंक को भी। दोनों को अपने काम से। चूँकि आँख में घोड़े का बाल और बवासीर वाले पिछवाड़े में गुस्से से तुमने कैक्टस डाल रखा है तो तुम्हें नहीं दिखेगा कि सड़के बनीं, गैस सिलिंडर मिले, फायनेंसियल इन्क्लूजन हुआ, इकॉनमी की हालत बेहतर है, टैक्स देना सहज हुआ, एक करोड़ नए कर दाता जुड़े, तुम्हारे चाचा द्वारा दिए गए लोन को लेकर भागने वालों पर कार्रवाई हो रही है…

रॉय बनाम रावल: द वायर की खोजी पत्रकारिता का मिसिंग लिंक

कुछ लोग द वायर का एक लिंक शेयर कर रहे हैं कि अरुँधति रॉय वाली ख़बर फ़र्ज़ी थी जिस पर परेश रावल ने ट्वीट किया। ये बात और है कि द वायर वालों ने उसी साइट पर, उसी से जुड़ी ख़बर में डाला गया विडियो नहीं दिखाया है। वो ख़बर भी पिछले तीन दिन से चर्चा […]

Dantewada violence: Is government sleeping, as we think?

Is the government sleeping or are the Naxals too smart to be identified and shot? This is one of the most basic and the first questions that comes to the mind whenever we hear of the killings related to the Naxalites. Morally, no government would ever want it’s own machinery getting killed in these petty […]