रक्षाबंधन का इतिहास: फ़र्ज़ी नारीवादियों के कुतर्कों के नाम

पुराणों के हर प्रसंग में स्त्रियों ने अपनी शक्ति से अपने भाई, पति या समाज की रक्षा की है। भाई की कलाई पर बँधी राखी उसकी रक्षा के लिए होती है ना कि वो बहन की रक्षा का वचन देता कहीं भी दिखता है। बहन की रक्षा भाई के लिए उतनी ही सहज प्रक्रिया है, जितनी सहज बात बहन द्वारा भाई को मुसीबत में देखकर मदद करने की।

लिप्सटिक नारीवाद: फ़ैशन के दौर में गारंटी की इच्छा ना करें

क्या पूरे नारीवाद का विमर्श अब इतने पर आकर गिर गया है कि कोई सिंदूर क्यों लगाती है, बिंदी क्यों चिपकाती है, ब्रा क्यों पहनती है?