राफ़ेल डील: डील के पहलू, निकम्मा विपक्ष और अनभिज्ञ जनता

HAL सिर्फ मिग फ्लीट के 200 पायलट्स की मौत और आधे एयरक्राफ्ट्स की दुर्घटनाओं के ज़िम्मेदार है। इनके हाथों पर मिग, सुखोई, हॉक जैसे विमानों में मरने वाले पायलट्स के ख़ून के धब्बे हैं, जिनसे ये मुक्ति नहीं पा सकते।

गुजरात चुनाव समीक्षा: कॉन्ग्रेस ईवीएम, ‘भाजपा को 150 नहीं मिले’ के पीछे नहीं छुप सकती

कॉन्ग्रेस नया राहुल ‘दिखा’ तो पाई, लेकिन वो ‘नया’ क्या है, ये कभी ‘बता’ नहीं पाई। पार्टी के दफ़्तर में इस पर पटाखे खूब छूटे कि वो अध्यक्ष बनने वाले हैं लेकिन इससे किसी गुजराती वोटर को क्या फ़र्क़ पड़ जाएगा ये पता नहीं चला। छवि की बाहरी रूपरेखा सबने देखी, भीतरी विजन क्या था, ये बाहर नहीं आया।

अय्यर अभिजात्य रंगभेद के पर्याय हैं, ये ‘उड़ता तीर’ राहुल की जनेऊ काट देगा

आप गाली दीजिएगा, वो उसे कोट पर मेडल बनाकर चिपका लेगा, और कहता फिरेगा कि देखो ये कितना बड़ा अचीवमेंट है।

चुनावी सर्वे मूड नहीं बताते, उसे प्रभावित करने का नाकाम ज़रिया हैं

सर्वे ने पहले राहुल को घुसाया और छोटा सा छेद दिखाया; फिर राहुल के सीटों की संख्या बढ़ती दिखाई गई ताकि लगे कि राहुल के ट्वीट, चुटकुलों और गीतों का असर जनता पर हो रहा है और वो राहुल की बात समझ रहे हैं; फिर नए सर्वे में दिखाया जा रहा है कि काँटे की टक्कर है।

प्रिय कॉन्ग्रेस, चुनाव जीतने हैं तो बिहेव लाइक अ नेशनल पार्टी

‘राहुल’ को ‘राज’ का हुलिया देकर ‘हाय ब्रो, आप एम कूल’ कहने से पिक्चर हिट नहीं होगी।

राहुल गाँधी ही भाजपा की 2019 की जीत सुनिश्चित करेंगे

राहुल का दुर्भाग्य कि फोन पर जियो का 4जी आने से लोग सीधा विडियो ही देख लेते हैं, और व्हाट्सएप्प पर शेयर भी धड़ाधड़ करते हैं।

केरल में सरेआम काटी गई गाय, हाय-हाय, हाय-हाय, हाय-हाय

लेकिन हिन्दू चुप रहेगा। क्योंकि ये साइंटिफ़िक नहीं है। गाय कट रही है, जानवर कट रहा है। मूर्ति पूजना मूर्खता है, पत्थर चूमना साइंटिफ़िक है।

दलाल, हरामज़ादा, सनकी, धोखेबाज़, चोर आदि आराम से क्यों बोलने लगे हैं हमारे नेता?

अब सारी गणना चुनाव को जीतने नहीं, किसी भी तरह जीतने पर आ गई है। अब आपको चुनावी रणनीतिकार के हिसाब से चलना होता है जो कि हावर्ड में पढ़कर आया है, वो आपसे वो भी करवा लेगा जो आपने सोचा भी नहीं होगा।