‘सेकरेड गेम्स’ एक बोरिंग, प्रेडिक्टेबल और दोहराव वाली सीरीज़ है

समीक्षकों को अनुराग कश्यप, नवाज़ुद्दीन और राधिका आप्टे का नाम सुनकर ही चरमसुख प्राप्त होने लगता है। मतलब ये है कि ये लोग कहीं भी हों तो ऐसे चिरकुट समीक्षकों को लगता है कि एक मार्टिन स्कॉर्सेजी है, दूसरा जैक निकॉल्सन और तीसरी मेरिल स्ट्रीप। जबकि ये लोग उनकी एक बहुत बुरी फ़ोटोकॉपी भी नहीं कहे जा सकते।