जश्न मनाइए क्योंकि मोदी के राज में एक और दुर्घटना हुई है! येय!

‘अरे बिजली का तार गिर गया’, इतना कहना भर ही काफ़ी होता है बाईस लोगों की जान लेने के लिए। इसमें सरकार कहाँ हैं?