यात्रा वृत्तांत: मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जीवित स्मारक हैं इतिहास के

मॉस्को जाएँ तो दिन में तो पैदल चलें ही, रात में तो ज़रूर ही चलें। रात में ये शहर एक अलग ही तरह के रंग में दिखता है। क्रिसमस और नववर्ष की तैयारी में एलईडी लाइटों से सजाया हुआ शहर एक अलग छटा बिखेरता है। शहर के बीच, नदी में इमारतों के रंगों से नहाए हुए प्रतिबिम्ब एक बेजोड़ अहसास देते हैं।

मॉस्को नाइट: पापा’ज़ बार में ‘यू आर जॉनी डेप’ एवम् ‘मेरे पास तेल का कुआँ होती’

बार में डीके को मिली यूक्रेन की लड़की बाद में डीके की मित्र बन गई और शराब का नशा उतरने के बाद भी उसने कॉल किया, और मिलने आई। ये अपने आप में एक अच्छी बात थी। आगे क्या हुआ, वो यहाँ बताने में मुझे लज्जा आती है।