हिन्दुओ! बहुत हो गया, तीन तलाक़ पर बोलना बंद करो

मुसलमानों के तलाक़ की जड़ में हिन्दुओं का जातिवाद ही है। जैसे ही जातिवाद जाएगा, मुसलमान औरतों को तलाक मिलना बंद हो जाएगा।

नारी सम्मान और समान अधिकार की लड़ाई है तलाक़, हलाला, बहुविवाह की मुख़ालफ़त

क्या कारण है कि ऐसे पर्सनल लॉ को डिफ़ेंड करने वाले हमेशा मर्द ही होते हैं? क्या कारण है कि ऐसे पर्सनल लॉ वाले तमाम बोर्ड में महिलाएँ दिखती तक नहीं? टीवी के प्राइम टाइम शो में कितनी जगह बिना दाढ़ी और टोपी वाला मुसलमान दिखता है, बुरक़े में ही सही?

पर्सनल लॉ: मुसलमान चोर को हिन्दू चोर से अलग सज़ा मिलनी चाहिए

अगर आज की मुस्लिम महिलाओं को इससे दिक़्क़त नहीं है तो शायद वो अपनी हालत की ज़िम्मेदार खुद हैं। उन्हें अपने पुरुषों द्वारा सुनाए गए हर फ़ैसले को, जिसमें तलाक़ से लेकर बाल विवाह, बच्चे की कस्टडी, चार पत्नियाँ रखने आदि को सही मानकर अपनी ज़िंदगी काटनी चाहिए।

तलाक़, तलाक़, तलाक़ के क़ानून को तलाक़ देने का समय

दो दिन पहले असम में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को काँग्रेस की जगह भाजपा को वोट करने पर इस्लाम के ‘तलाक़, तलाक़, तलाक़’ के क़ानून का प्रयोग करते हुए तलाक़ दे दिया। तीन बार तलाक़ और कुछ नहीं बस विशुद्ध मूर्खता है। इसको किसी भी तरह से जस्टिफाइ करने वाले भी आले दर्जे के […]